रायगढ़- IPL और बड़े क्रिकेट मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। मोबाइल एप्लीकेशन, टेलीग्राम चैनल और व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से युवाओं तक सट्टे की आईडी पहुंचाई जा रही है। आसान कमाई और रातों-रात पैसा बनाने के लालच में कई युवा इस नेटवर्क की गिरफ्त में आते जा रहे हैं, जिसके कारण आर्थिक नुकसान, कर्ज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
जानकारों के अनुसार इसकी शुरुआत अक्सर छोटे दांव से होती है,
लेकिन धीरे-धीरे यह आदत बड़ी रकम तक पहुंच जाती है। कई लोग हार की भरपाई करने के लिए उधार लेने, ऑनलाइन ऋण लेने और निजी संपत्ति तक बेचने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोहों का खुलासा हो रहा है, जिससे यह साफ है कि यह नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है।
रायगढ़ पुलिस द्वारा भी हाल के समय में ऑनलाइन IPL सट्टे और हवाला नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की गई है।
साइबर सेल, कोतवाली पुलिस और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन और ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा किया था। इस पूरे अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा किया गया, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से ऐसे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार कई ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फर्जी लिंक के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
कुछ मामलों में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आने की बात कही जा रही है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक इस नेटवर्क की पहुंच चिंता का विषय बनती जा रही है।
सामाजिक जानकारों का कहना है कि क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल को कुछ लोग अवैध कमाई का माध्यम बना रहे हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव युवाओं और परिवारों दोनों पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा भी सैकड़ों अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों और मोबाइल एप्लीकेशनों पर कार्रवाई की जा चुकी है, इसके बावजूद यह नेटवर्क नए तरीकों से सक्रिय होने का प्रयास कर रहा है।
“क्रिकेट खेल और मनोरंजन का माध्यम है। युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों से दूर रहकर अपने भविष्य, परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।”





