घरघोड़ा: अवैध बोर खनन पर प्रशासन का प्रहार, रायकेरा में सुमित्रा बोरवेल पर कार्रवाईघरघोड़ा: भीषण गर्मी के बीच भू-जल स्तर को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की धज्जियाँ उड़ाना एक बोरवेल संचालक को भारी पड़ा। घरघोड़ा तहसील के ग्राम रायकेरा में अवैध रूप से बोर खनन की सूचना मिलते ही तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और सुमित्रा बोरवेल के वाहन के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की।
बता दें कि जिले में जल संकट के मद्देनजर नए बोर खनन पर पूरी तरह से रोक है।
इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर हो रहे खनन ने प्रशासन को सक्रिय होने पर मजबूर कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जल संकट के बीच नियमों का उल्लंघन: रायकेरा में अवैध बोर खनन करने वालों पर प्रशासन सख्त
घरघोड़ा: वर्तमान में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसके चलते क्षेत्र में जलस्तर रसातल में चला गया है। पानी की बूंद-बूंद को बचाने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अवधि में किसी भी प्रकार का नया बोरवेल नहीं खोदा जाएगा। इन निर्देशों को दरकिनार करते हुए ग्राम रायकेरा में सुमित्रा बोरवेल द्वारा अवैध खनन का प्रयास किया गया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि जल संरक्षण के प्रति कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने अवैध रूप से बोर कर रहे वाहन को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई शुरू की है। प्रशासन की यह सक्रियता भू-जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूती देने का काम कर रही है।
ब्रेकिंग: घरघोड़ा में अवैध बोर खनन पर तहसीलदार की बड़ी कार्रवाई
स्थान: ग्राम रायकेरा, घरघोड़ा।
मामला: जल संरक्षण हेतु लगे प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोर खनन।
कार्रवाई: तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर ‘सुमित्रा बोरवेल’ के वाहन पर वैधानिक कार्रवाई की।
पृष्ठभूमि: भीषण गर्मी और गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने नए बोर खनन पर लगा रखी है रोक।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई उन लोगों के लिए सबक है जो नियमों की अनदेखी कर भू-जल दोहन कर रहे हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।




