June 28, 2026 9:44 pm

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BEO कार्यालय घरघोड़ा में अटैचमेंट का खेल: ग्रामीण स्कूलों में स्टाफ की कमी, दफ्तर में तैनाती पर उठे सवाल

घरघोड़ा। क्या ग्रामीण अंचलों के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है? अगर ऐसा है, तो फिर BEO कार्यालय में इतनी संख्या में कर्मचारी क्यों जमे हुए हैं? यह सवाल अब स्थानीय स्तर पर एक बड़े विवाद का रूप ले रहा है।

अटैचमेंट के कारण प्रभावित हो रही व्यवस्था

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा विकासखंड के स्कूलों में स्टाफ की भारी कमी की खबरें लगातार मिल रही हैं। वहीं, दूसरी ओर BEO कार्यालय में कई ऐसे कर्मचारी और शिक्षक कार्य कर रहे हैं जिनका मूल पदस्थापन ग्रामीण स्कूलों में है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों और शिक्षा प्रेमियों के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

प्रशासन की चुप्पी पर RTI का प्रहार

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर ये कर्मचारी किस अधिकार और किस आदेश के तहत स्कूलों को छोड़कर कार्यालय में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

इस मामले की परतें खोलने के लिए अब सूचना के अधिकार (RTI) का सहारा लिया गया है:

RTI के तहत यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन कर्मचारियों को सक्षम प्राधिकारी से अटैचमेंट की मंजूरी मिली है।

अटैचमेंट की वर्तमान वैधानिकता और अवधि पर सवाल खड़े किए गए हैं।

विभाग से जवाब मांगा गया है कि कितने कर्मचारी मूल स्थान से हटकर कार्यालयीन कार्यों में संलग्न हैं।

आगे क्या होगा?

सूत्रों का कहना है कि जैसे ही RTI के जरिए दस्तावेजों का खुलासा होगा, विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह से उजागर हो जाएगी। यदि नियमों की अनदेखी कर कर्मचारियों को कार्यालय में रखा गया है, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा। अब देखना यह है कि विभाग कब तक इन तथ्यों को सार्वजनिक करता है और बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए उचित कदम उठाता है।

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Author: News Spashat CG