रायगढ़: शहर के चर्चित उद्योगपति और पूर्व कांग्रेस नेता शंकरलाल अग्रवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ओम रूपेश प्लांट परिसर में हुए अवैध निर्माणों पर आज जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया है। यह कार्रवाई उस दर्दनाक हादसे के बाद की गई है, जिसमें प्लांट की दीवार ढहने से एक 9 माह की गर्भवती महिला की जान चली गई थी।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पूर्व शंकरलाल अग्रवाल के स्वामित्व वाले ‘ओम रूपेश प्लांट’ की एक जर्जर और अवैध रूप से बनी दीवार अचानक ढह गई थी। इस हादसे की चपेट में आने से एक 9 महीने की गर्भवती महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और आम नागरिकों में उद्योग प्रबंधन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त था।
जनआक्रोश और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे के बाद से ही शहरवासी उद्योगपति के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। सोशल मीडिया पर भी शहर के लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और कठोर कार्रवाई की मांग की थी। जनता के भारी दबाव और अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन ने आज भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्लांट के अवैध हिस्सों को ध्वस्त कर दिया।
प्रबंधन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर निर्माण किया गया था, जिसके कारण यह अनहोनी हुई। प्रशासन की इस कार्रवाई को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि शहर में नियमों को ताक पर रखने वाले रसूखदारों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल, प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।




