घरघोड़ा/ टेंडा नवापारा (पानीखेत)
भीषण गर्मी और जंगलों में पानी के स्रोतों के सूखने के कारण वन्यजीवों का आबादी और सीमावर्ती जंगलों की ओर रुख करने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में टेंडा नवापारा और पानीखेत के जंगलों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र में एक साथ 50 से अधिक हाथियों के विशाल दल को देखा गया।
बताया जा रहा है कि यह विशाल दल पानी की तलाश में भटकते हुए जंगल के भीतर स्थित एक तालाब के किनारे पहुंचा। ग्रामीणों और राहगीरों ने जब तालाब के पास इतनी बड़ी संख्या में हाथियों को पानी पीते और डेरा डाले देखा, तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। एक साथ इतने हाथियों की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीण इलाकों में कौतूहल के साथ-साथ दहशत का माहौल भी बना हुआ है।
तालाब किनारे पहुंचे गजराज:
चिलचिलाती धूप और उमस के बीच हाथियों का यह कुनबा पानीखेत के जंगलों में स्थित तालाब के पास काफी देर तक रुका रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दल में नन्हे शावकों से लेकर बड़े हाथी शामिल हैं, जो पानी में अठखेलियां करते और अपनी प्यास बुझाते नजर आए। जंगलों में प्राकृतिक जलस्रोतों की कमी के कारण अक्सर हाथियों के दल को इस तरह एक साथ तालाबों या रिहायशी इलाकों के करीब बने जलस्रोतों का रुख करना पड़ रहा है।
वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत:
इतनी बड़ी संख्या में हाथियों की आमद को देखते हुए वन विभाग की टीम पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। वन्यजीव विभाग के कर्मचारियों द्वारा हाथियों की गतिविधियों और उनकी दिशा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग ने टेंडा नवापारा, पानीखेत और उससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षा के लिहाज से जंगल की ओर अकेले न जाएं, विशेषकर शाम और रात के वक्त जंगलों के रास्तों से दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाने और उन्हें किसी भी तरह से परेशान या उकसाने का प्रयास न करने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय जनहानि या टकराव की स्थिति से बचा जा सके।




