रायगढ़: रायगढ़ जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी संजय बघेल (निवासी, ग्राम नवापारा) की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। संजय शराब से जुड़े एक मामले में जेल में बंद था। तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और मामले की जांच की मांग की। प्रशासन का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा, मामले की जांच जारी है।
2. पीड़ित परिवार के आरोपों पर केंद्रित रिपोर्ट
“जेल में हुई मारपीट से गई संजय की जान”: पिता ने लगाए रायगढ़ जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप
रायगढ़: रायगढ़ जिला जेल में विचाराधीन बंदी संजय बघेल की मौत के मामले में उसके पिता प्यारेलाल ने पुलिस और जेल प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। प्यारेलाल का आरोप है कि पुलिस ने शराब बेचने के मामले में उनके बेटे और उसके दोस्त को पकड़ा था, जिसमें से एक को 40 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया, जबकि संजय को जेल भेज दिया गया। पिता का दावा है कि रायगढ़ जेल के अंदर उनके बेटे के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
3. स्थानीय जनप्रतिनिधि की मांग और सीसीटीवी जांच पर केंद्रित रिपोर्ट
रायगढ़ जेल प्रशासन पर उठे सवाल: सरपंच ने CCTV कैमरों की जांच की मांग की
रायगढ़: संजय बघेल की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्राम नवापारा के सरपंच नंदकुमार ने रायगढ़ जिला जेल के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे घोर लापरवाही बताया है। सरपंच ने मांग की है कि जेल के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की तुरंत जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने दोषियों को तत्काल निलंबित करने और मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मेडिकल कॉलेज में एकत्र होकर निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।





