June 28, 2026 8:09 pm

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जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर नन्हें छात्र, छत का प्लास्टर गिरने से बड़ा हादसा टलने की आशंका

रुडुकेला (लैलूंगा): एक ओर जहाँ सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर वातावरण का दावा करती है, वहीं लैलूंगा क्षेत्र के शासकीय माध्यमिक शाला रुडुकेला का भवन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। विद्यालय भवन की हालत इतनी खस्ता है कि यहाँ छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

​छत का मलबा गिरने से सहमे विद्यार्थी

​विद्यालय की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कक्षा कक्षों की छत का प्लास्टर बड़े हिस्सों में टूटकर फर्श पर बिखर चुका है। आलम यह है कि छत की लोहे की सरिया पूरी तरह से बाहर दिखाई दे रही है, जो किसी भी वक्त बड़ी अनहोनी का संकेत दे रही है। कक्षाओं में मलबे के बीच बैठकर छात्र भय के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

​शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

​स्थानीय ग्रामीणों और पालकों का आरोप है कि भवन की इस जर्जर स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात का मौसम नजदीक है, ऐसे में छत ढहने का खतरा और अधिक बढ़ गया है, जो किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

​ग्रामीणों और पालकों की प्रशासन से मांग

​विद्यालय की सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीणों और पालकों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है:

​”जहाँ बच्चे भविष्य गढ़ते हैं, वहाँ सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।”

​ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से विद्यालय भवन का निरीक्षण कर या तो इसकी मरम्मत कराई जाए अथवा नए भवन का निर्माण स्वीकृति दी जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे और वे बिना डर के शिक्षा ग्रहण कर सके

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Author: News Spashat CG