घरघोड़ा (रायगढ़):
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र के जंगलों में इन दिनों हाथियों का आतंक और इंसानी लापरवाही दोनों ही चरम पर है। एक ओर जहाँ क्षेत्र के ग्रामीण हाथियों की मौजूदगी से खौफ के साये में जी रहे हैं, वहीं कुछ युवाओं की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही हैं।
हाथियों को उकसाना पड़ सकता है भारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा के चार-मार के जंगलों में हाथियों का एक दल डेरा जमाए हुए है। इसी दौरान कुछ युवकों द्वारा हाथियों को देखकर उन पर पत्थर फेंके जा रहे हैं। युवकों की इस हरकत से हाथी उग्र हो रहे हैं, जिसके बाद वे उन पर झपट रहे हैं। हाथियों के दौड़ाने के बाद अपनी जान बचाने के लिए ये युवक इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में वन विभाग पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। आलम यह है कि कोई भी हादसा होने के बाद ही विभागीय अमला घटनास्थल पर पहुंचता है, जबकि समय रहते सावधानी बरतने के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। वन विभाग की इस लापरवाही के कारण न केवल वन्यजीवों का जीवन खतरे में है, बल्कि ग्रामीणों और युवाओं की जान भी जोखिम में पड़ गई है।
मालगाड़ी की टक्कर से मादा हाथी की मौत
बता दें कि महज दो दिन पूर्व, इसी क्षेत्र के आसपास रेलवे ट्रैक पार करते समय एक मादा हाथी की मालगाड़ी की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में हाथियों का झुंड और भी अधिक आक्रामक हो गया है। एक तरफ जहाँ वन्यजीवों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहीं स्थानीय लोगों की ऐसी लापरवाही और विभाग की उदासीनता प्रशासन के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।





