June 10, 2026 6:22 am

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औद्योगिक हादसों पर लगाम लगाने विभाग सख्त: एनआर इस्पात में मॉक ड्रिल, एमएसपी स्टील में जुटीं 10 बड़ी कंपनियां

रायगढ़। जिले के कारखानों में लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने अब कमर कस ली है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिले में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल और सुरक्षा कार्यशालाओं (वर्कशॉप) की शुरुआत की गई है।
​इसी कड़ी में शुक्रवार को जहां एनआर इस्पात में आग से निपटने का लाइव डेमो दिया गया, वहीं एमएसपी स्टील में जिले के दिग्गज उद्योगों का महामंथन हुआ।
​🔥 एनआर इस्पात: आग लगने पर क्या करें? कर्मचारियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
​शुक्रवार को एनआर इस्पात एंड प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में एक ‘फायर बेस्ड मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने न सिर्फ थ्योरी पढ़ाई, बल्कि आग लगने की संभावित परिस्थितियों का लाइव प्रदर्शन भी किया।
​क्या सिखाया गया: आग लगने पर तत्काल बचाव कार्य कैसे शुरू करें और जान-माल का नुकसान होने से कैसे बचाएं।
​अग्निशामक का सही उपयोग: कर्मचारियों को विशेष रूप से सिखाया गया कि आग की श्रेणी (Type of Fire) के हिसाब से किस सही अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) का चुनाव करना चाहिए।
​मूल मंत्र: विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) ही सबसे बड़ा हथियार है।
​🤝 एमएसपी स्टील: 10 बड़े कारखानों के 50 प्रतिनिधि जुटे, साझा किए ‘सुरक्षा मंत्र’
​इससे पहले 22 मई को एमएसपी स्टील में एक हाई-लेवल ‘सुरक्षा वर्कशॉप एवं नॉलेज शेयरिंग सेशन’ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना था।
​दिग्गजों की मौजूदगी: इस वर्कशॉप में जिले के 10 बड़े कारखानों के लगभग 50 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
​इन मुद्दों पर हुई चर्चा: विभिन्न उद्योगों में अपनाई जा रही सर्वोत्तम सुरक्षा व्यवस्थाओं, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और औद्योगिक जोखिमों को कम करने के उपायों पर विस्तार से मंथन हुआ।
​विशेष प्रेजेंटेशन: कारखाना प्रतिनिधियों ने स्पंज आयरन और स्टील मेकिंग जैसी जटिल व जोखिम भरी प्रक्रियाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर शानदार प्रेजेंटेशन दिए।
​💡 “म्यूचुअल एड सिस्टम” से रुकेंगे हादसे: उप संचालक
​कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक ने म्यूचुअल एड सिस्टम (Mutual Aid System) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि:
​”अगर जिले के उद्योग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करें, तो किसी भी आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद कर हादसों और नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।”
​विभाग का दावा:
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग का मानना है कि लगातार चलाए जा रहे इन जागरूकता अभियानों, व्यावहारिक प्रशिक्षण और नियमित सुरक्षा अभ्यासों (मॉक ड्रिल) के माध्यम से कारखानों में हादसों की संभावना को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।

News Spashat CG
Author: News Spashat CG

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