घरघोड़ा।
विकास के दावों के बीच घरघोड़ा-छाल मुख्य मार्ग पर स्थित बैहमुड़ा स्वागत गेट के सामने की सड़क इस वक्त आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। आलम यह है कि यहाँ सड़क बची ही नहीं है, सिर्फ गड्ढे और जानलेवा धूल का साम्राज्य है। भारी वाहनों के गुजरते ही उड़ने वाली धूल के गुबार से पूरा रास्ता अदृश्य हो जाता है, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
उड़ती धूल से अंधा हो रहा रास्ता
स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि बैहमुड़ा स्वागत गेट के सामने सड़क पूरी तरह से जर्जर और जर्जर हो चुकी है। जब भी कोई भारी वाहन यहाँ से गुजरता है, तो पीछे इतना भारी धूल का गुबार उड़ता है कि पीछे आ रहे दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को सामने का रास्ता देखना तक बंद हो जाता है। “ब्लाइंड स्पॉट” बन चुके इस मार्ग पर लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
जनता की जुबानी: “यहाँ से गुजरना मतलब यमराज को न्योता देना है। धूल के कारण सामने कुछ दिखाई नहीं देता। सांस लेना दूभर हो गया है और प्रशासन आँखें मूंदकर बैठा है।”
प्रशासन मौन, जनता त्रस्त
इस बदहाली को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। आए दिन होने वाली दिक्कतों और दुर्घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मौन साधे हुए है। धूल को दबाने के लिए न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है।
बड़ा सवाल: खबर चलने के बाद क्या जागेगा प्रशासन?
सड़क की इस दुर्दशा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सुर्ख़ियों में आने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या जनता को यूँ ही धूल फांकने और हादसों का शिकार होने के लिए छोड़ दिया जाएगा।





