रायगढ़/ नंदेली : 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले पन्नों में शुमार ‘झीरम घाटी नक्सली हमले’ की बरसी पर आज पूरे प्रदेश में शहीदों को याद किया गया। इस भीषण हमले में अपने प्राणों की आहुति देने वाले छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार पटेल और उनके सुपुत्र स्वर्गीय दिनेश पटेल की शहादत को नमन करते हुए आज प्रदेशभर में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक लोग इस वीर पिता-पुत्र की जोड़ी और हमले में शहीद हुए सभी कांग्रेस नेताओं व सुरक्षाकर्मियों को नम आंखों से याद कर रहे हैं। आज ही के दिन नक्सलियों ने बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ के काफिले पर कायराना हमला किया था, जिसमें विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित कई दिग्गज नेताओं और जवानों ने अपनी शहादत दी थी।
”परिवर्तन के लिए गूंज रही थी, याद करो उस बोली को…”
शहीद नंदकुमार पटेल के समर्थक और क्षेत्रवासी आज भी उनके दिए नारों और छत्तीसगढ़ की माटी के प्रति उनके समर्पण को याद कर भावुक हो उठे। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों के साथ साझा की जा रही पंक्तियां—”परिवर्तन के लिए गूंज रही थी याद करो उस बोली को, जो छाती को चीर गई याद करो उस गोली को…”—आज भी लोगों के दिलों में उनके प्रति गहरे सम्मान और दर्द को बयां कर रही हैं।
स्थानीय जन प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय नंदकुमार पटेल जी का छत्तीसगढ़ की राजनीति और समाज में जो योगदान रहा है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी और उनके बेटे दिनेश पटेल की शहादत को प्रदेश हमेशा कृतज्ञता के साथ याद रखेगा।





