रायगढ़ जिले में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने नौतपा की शुरुआत से पहले ही रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मई के महीने में ही तापमान में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय हालात ऐसे हो जाते हैं जैसे आसमान से आग बरस रही हो, जिसके कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।
दोपहर में थम रही है रफ्तार, सड़कें हो रहीं सुनसान
आमतौर पर नौतपा के दौरान दिखने वाली जानलेवा गर्मी इस बार पहले ही दस्तक दे चुकी है। सुबह 10 बजते ही धूप के तेवर तीखे हो जाते हैं और दोपहर होते-होते गर्म हवाओं (लू) के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगते हैं। इसके चलते दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्य बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही पूरे बदन को ढककर बाहर निकल रहे हैं।
*तपती गर्मी से कई कामकाज ठप्प*
इस भीषण गर्मी का सीधा असर स्थानीय कारोबार और दैनिक मजदूरी पर पड़ा है। तेज धूप और उमस के कारण निर्माण कार्य, फील्ड वर्क और खुले में होने वाले कई तरह के कामकाज दोपहर के वक्त पूरी तरह ठप्प हो जाते हैं। मजदूरी करने वाले लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि भारी दोपहर में शारीरिक श्रम करना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
*मौसमी बीमारियों का बढ़ा खतरा*
तापमान बढ़ने के साथ ही अस्पतालों और क्लीनिकों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टर लगातार लोगों को बिना वजह धूप में न निकलने, शरीर में पानी की कमी न होने देने और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर नौतपा से पहले ही गर्मी का यह आलम है, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। फिलहाल, रायगढ़ वासियों को इस चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।





