घरघोड़ा: शहर में फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। टीवीएस (TVS) फाइनेंस के नाम का सहारा लेकर दो सगे भाइयों ने एक व्यापारी से 60,000 रुपये ठग लिए हैं। इस मामले ने स्थानीय व्यापारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि ठगों ने न केवल डिजिटल माध्यम से बल्कि नकद में भी बड़ी रकम वसूली है।
ठगी की क्रोनोलॉजी (Timeline of Fraud)
अगस्त-सितंबर 2025: आरोपी नितेश गुप्ता ने व्यापारी श्यामलाल हलवाई को डीप फ्रीजर का झांसा दिया। उसने फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से पहली किश्त में 6,000 और दूसरी में 14,000 रुपये लिए।
मई 2026: जब पीड़ित ने दबाव बनाया, तो आरोपी ने अपने भाई रितेश गुप्ता को साथ लेकर ‘फाइनेंस क्लीयरेंस’ का झांसा दिया और 40,000 रुपये नकद ऐंठ लिए।
परिणाम: न तो फ्रीजर आया, न पैसे वापस मिले। आरोपी अब पीड़ित की पहुंच से बाहर हैं।
आरोपियों का पुराना ‘क्रिमिनल रिकॉर्ड’
शिकायतकर्ता श्यामलाल हलवाई ने पुलिस को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया है कि नितेश और रितेश गुप्ता का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। ये दोनों आरोपी आर्थिक अपराधों के पुराने खिलाड़ी हैं, जिन्होंने घरघोड़ा को अपना नया शिकार बनाया है।
स्थानीय पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
यह मामला महज 60,000 रुपये की ठगी का नहीं, बल्कि आम जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ का है। पीड़ित ने थाना प्रभारी से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सबकी निगाहें हैं कि क्या इन आदतन अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा या वे किसी और को अपना निशाना बनाएंगे।
व्यापारियों और नागरिकों के लिए विशेष अपील (Alert Note)
एजेंट की पहचान करें: किसी भी व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि मानने से पहले उसकी कंपनी आईडी और आधिकारिक दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
नकद लेनदेन से बचें: फाइनेंस या किसी भी सरकारी/प्राइवेट स्कीम के नाम पर नकद भुगतान न करें। हमेशा आधिकारिक बैंक खाते (Official Bank Account) में ही लेनदेन करें।
कार्यालय का पता जानें: यदि कोई एजेंट घर आता है, तो उसे संबंधित शोरूम या कंपनी के ऑफिस जाने के लिए कहें।




