रायगढ़ /घरघोड़ा
घरघोड़ा शहर में प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्थाओं की कमी के चलते आम जनता, मरीजों और विद्यार्थियों का जीवन संकट में है। एनएसयूआई (NSUI) ब्लॉक अध्यक्ष शिवम गुप्ता ने इन गंभीर समस्याओं को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा को ज्ञापन सौंपा है। इन दोनों मामलों को जोड़कर एक बड़ी स्थानीय समस्या सामने आई है।
1. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र: पीने के पानी का अभाव और महीनों से खराब जनरेटर

अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।
- अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए पीने के शुद्ध पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं है।
- पिछले कई महीनों से अस्पताल का डीजी (जनरेटर) खराब पड़ा है, जिसके कारण बिजली गुल होने पर इलाज और जांच कार्य पूरी तरह से बाधित हो जाते हैं और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
2. शहर में भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ा जान का खतरा और प्रदूषण

घरघोड़ा शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है।
- शहर क्षेत्र में कई स्कूल, सरकारी अस्पताल, बैंक और तहसील कार्यालय स्थित हैं।
- भारी वाहनों के बेरोकटोक आवागमन से विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है।
- दुर्घटनाओं की आशंका के साथ-साथ क्षेत्र में धूल और प्रदूषण का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
एनएसयूआई की दो टूक मांग:
एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष शिवम गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द पेयजल की व्यवस्था सुधारी जाए और जनरेटर को ठीक किया जाए। इसके साथ ही, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों के हित में घरघोड़ा शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।




