रायगढ़ /घरघोड़ा
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और कोयलांचल क्षेत्र घरघोड़ा में भारी वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के गोहड़ीडीपा चेक प्वाइंट के पास बीती रात कोयले से लदा एक अनियंत्रित ट्रेलर सड़क पर पलट गया। इस भीषण हादसे के बाद सड़क पर भारी मात्रा में कोयला बिखर गया, जिससे घंटों यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों लंबी कतारें लग गईं।
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की लचर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और बेकाबू हो चुके भारी वाहनों के परिवहन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धुंधली नहीं हुई थी दिल राठिया की मौत की यादें
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इसी चेक प्वाइंट के आसपास एक साल भी पूरा नहीं हुआ है जब तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से स्थानीय युवक दिल राठिया (उम्र 30 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस हादसे का गम और जख्म अभी स्थानीय लोगों के दिलों से मिटा भी नहीं था कि इस नए हादसे ने लोगों की धड़कनें फिर बढ़ा दी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधिकारी और ट्रांसपोर्टर शायद किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन निष्क्रिय, ट्रांसपोर्टरों की मनमानी जारी
आए दिन होने वाली इन दुर्घटनाओं के पीछे ओवर-स्पीड (अतिरिक्त गति), क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता को मुख्य कारण माना जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण आम नागरिकों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उबाल आ गया है। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने इस दुर्घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा:
“बरसात का मौसम तो बीत गया, क्या अब ट्रांसपोर्टर और प्रशासन लोगों को त्योहार भी नहीं मनाने देंगे? ओवर-स्पीड और लापरवाही के चलते आए दिन बेकसूर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और शासन-प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है।”
उस्मान बेग ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन को इस संबंध में लिखित आवेदन सौंप कर । यदि जल्द ही भारी वाहनों की गति और आवाजाही पर लगाम नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में एक बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और ट्रांसपोर्ट कंपनियों की होगी।




