सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सुशासन और सरकारी व्यवस्था को आईना दिखाती एक बेहद अनोखी और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ पानी की भयंकर किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने अपनी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया।
शिकायत की अर्जियां सौंपकर थक चुके ग्रामीणों ने इस बार गुस्सा करने के बजाय सरकारी अधिकारियों की ही ‘पूजा’ शुरू कर दी।
मामला जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर का है। सरकार द्वारा यह शिविर आम जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए लगाया गया था। लेकिन यहाँ पहुँचे ग्रामीणों के हाथों में कोई लिखित शिकायत पत्र नहीं, बल्कि पूजा की थाली, कपूर, आरती और नारियल था।
अधिकारियों के सामने उतारी आरती, बजाई ताली
शिविर में जैसे ही अधिकारी अपनी कुर्सियों पर बैठे, पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों की भीड़ वहां पहुंच गई। इससे पहले कि अधिकारी कुछ समझ पाते, ग्रामीणों ने बाकायदा दीया जलाकर अधिकारियों की आरती उतारनी शुरू कर दी। महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर अधिकारियों के सामने कपूर जलाया, उन्हें नारियल भेंट किया और हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए।
यह नजारा देखकर शिविर में मौजूद प्रशासनिक अमला और अन्य लोग सन्न रह गए।
ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी शिकायतें लेकर और प्यास की पीड़ा बताते-बताते थक चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए अब वे अधिकारियों को ही ‘भगवान’ मानकर उनकी पूजा कर रहे हैं ताकि शायद उन्हें दया आ जाए और गांवों में पानी की व्यवस्था हो सके।
शिकायत नहीं, प्यास की पीड़ा लेकर पहुंचे थे लोग
ग्रामीणों ने बताया कि उनके इलाके में पीने के पानी की भारी किल्लत है। हैंडपंप सूख चुके हैं और पानी के लिए उन्हें मीलों भटकना पड़ता है। सुशासन तिहार के इस मंच पर लोग अपनी शिकायतें सुलझाने की उम्मीद से आए थे, लेकिन ग्रामीणों ने इस गांधीवादी और अनोखे विरोध प्रदर्शन के जरिए प्रशासन को यह अहसास दिलाने की कोशिश की कि कागजी दावों और जमीनी हकीकत में कितना बड़ा अंतर है।
अधिकारियों की इस ‘आरती और पूजा’ का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं,
जो क्षेत्र में जल संकट की गंभीर स्थिति और व्यवस्था के प्रति जनता के अनूठे तंज को बयां कर रही हैं। फिलहाल, इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों ने जल्द ही प्रभावित इलाकों में पानी की किल्लत दूर करने का आश्वासन दिया है।





