रायगढ़। रायगढ़ जिला आज विकास की आड़ में प्रदूषण, बीमारियों और बिगड़ते पर्यावरण की भारी मार झेल रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर आज शहर अध्यक्ष शाखा यादव, ब्लॉक अध्यक्ष आशीष चौबे और ब्लॉक अध्यक्ष संदीप अग्रवाल के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम जनता ने पर्यावरण विभाग का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रायगढ़ की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
विकास का मॉडल या बीमारियों का गढ़?
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस रायगढ़ को बड़े-बड़े उद्योगों और तथाकथित ‘विकास का मॉडल’ बताकर पेश किया जा रहा था, आज उसकी हकीकत कुछ और ही है। जिला आज प्रदूषण की कालिख में डूब चुका है। आम जनता को सांस लेने के लिए साफ हवा तक नसीब नहीं हो रही है।
नेताओं ने सवाल उठाया कि जब जिले के बड़े-बड़े नेता, जनप्रतिनिधि और खुद प्रदेश के पर्यावरण मंत्री इसी रायगढ़ से आते हैं और जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं, तो फिर जनता इस बदहाली को झेलने के लिए क्यों मजबूर है? अगर विकास के बदले जनता को सिर्फ धूल, धुआं, घटता जलस्तर, बढ़ता अस्थमा और चर्म रोग ही मिलने हैं, तो फिर ऐसे विनाशकारी विकास का क्या मतलब?
“पर्यावरण मंत्री जी, आपको शर्म आनी चाहिए…”
घेराव के दौरान नेतृत्वकर्ताओं का गुस्सा सीधे पर्यावरण मंत्री पर फूटा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “मंत्री जी, आपको शर्म आनी चाहिए। आप रायगढ़ की जनता के वोट की बदौलत विधायक बने हैं और उसी के दम पर आज आपको पर्यावरण मंत्रालय मिला है। रायगढ़ की जनता के भविष्य और उनके स्वास्थ्य के बारे में सोचना आपकी सबसे पहली जवाबदेही और जिम्मेदारी है।”
प्रशासन को दी कड़ी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि उद्योगों के प्रदूषण पर तुरंत लगाम लगाई जाए और शहर की आबो-हवा को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। यदि जल्द ही रायगढ़ की जनता को इस जानलेवा प्रदूषण से राहत नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और स्वयं मंत्री की होगी।
इस घेराव प्रदर्शन में क्षेत्र के तमाम प्रबुद्ध नागरिक, युवा और बड़ी संख्या में जनमानस उपस्थित रहा, जिन्होंने साफ हवा और सुरक्षित भविष्य के अधिकार के लिए अपनी आवाज बुलंद की।





