June 10, 2026 5:08 am

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​”SECL पेलमा प्रोजेक्ट: रायगढ़ के 9 गांवों के लिए बड़ी खबर, जानिए जनसुनवाई में क्या हुआ?”

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रस्तावित पेलमा ओपनकास्ट कोयला खदान परियोजना के लिए सोमवार को पेलमा गांव के अटल चौक पर जनसुनवाई का आयोजन किया गया। करीब 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली और 15 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (MTPA) वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर ग्रामीणों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।

​साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की इस परियोजना से पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरहीडीह, सकत्ता, मीलूपार और खर्रा समेत कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार सुबह शुरू हुई यह प्रक्रिया भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाम 6 बजे तक चली। पर्यावरण अधिकारी मनवेन्द्र शेखर पांडे ने बताया कि जनसुनवाई पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, परियोजना का समर्थन करने वाले और अपनी आपत्ति (विरोध) दर्ज कराने वाले ग्रामीणों की संख्या लगभग बराबर रही है। अंतिम आंकड़ों का संकलन किया जा रहा है।

​ विकास बनाम पर्यावरण

शीर्षक: SECL की पेलमा खदान परियोजना: विकास की उम्मीदों और विस्थापन के डर के बीच हुई जनसुनवाई

विशेष संवाददाता। रायगढ़ जिला एक बार फिर औद्योगिक विकास और स्थानीय जनसरोकारों के बीच संतुलन का गवाह बना। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की 15 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) क्षमता वाली पेलमा ओपनकास्ट कोयला खदान परियोजना के लिए आयोजित जनसुनवाई में विकास और पर्यावरण/विस्थापन के मुद्दे आमने-सामने नजर आए।

​अटल चौक (पेलमा) में आयोजित इस जनसुनवाई में एक तरफ जहां क्षेत्र के विकास और रोजगार की उम्मीद में लोगों ने परियोजना का समर्थन किया, वहीं दूसरी तरफ पेलमा, उरबा, मडुआडूमर और लालपुर सहित 9 गांवों के प्रभावित होने वाले ग्रामीणों ने जमीन और आजीविका छिनने के डर से अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। पर्यावरण अधिकारी मनवेन्द्र शेखर पांडे के अनुसार, दोनों पक्षों की बातें मजबूती से सामने आईं और समर्थन व विरोध का अनुपात लगभग 50-50 फीसदी रहा। जिला व पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के कारण बिना किसी विवाद के यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया शाम को पूरी कर ली गई।

पुलिस के कड़े पहरे में संपन्न हुई पेलमा कोयला खदान की जनसुनवाई, नहीं दिखी कोई तनावपूर्ण स्थिति

रायगढ़ के पेलमा गांव में सोमवार को भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच SECL की प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना के लिए जनसुनवाई कराई गई। 2077 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर बनने वाली इस 15 एमटीपीए क्षमता की परियोजना को लेकर पूर्व में बने संवेदनशील माहौल को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

​अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित होने वाले करीब 9 गांवों के ग्रामीण सुबह से ही जनसुनवाई स्थल पर जुटने लगे थे। पक्ष और विपक्ष, दोनों ही गुटों के लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी दलीलें और आपत्तियां रखीं। सुबह से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चली इस मैराथन प्रक्रिया में पुलिस की विशेष चौकसी के चलते कहीं भी कोई अप्रिय घटना या विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हुई। पर्यावरण विभाग के अधिकारी मनवेन्द्र शेखर पांडे ने जनसुनवाई को पूरी तरह सफल और शांतिपूर्ण बताया।

: रायगढ़ पेलमा कोयला खदान जनसुनवाई के मुख्य बिंदु

  • परियोजना: पेलमा ओपनकास्ट कोयला खदान (SECL)।
  • क्षमता व क्षेत्र: 15 मिलियन टन वार्षिक (MTPA) उत्पादन, 2077.934 हेक्टेयर प्रभावित इलाका।
  • प्रभावित गांव: पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरहीडीह, सकत्ता, मीलूपार और खर्रा।
  • क्या रहा खास: सोमवार को पेलमा के अटल चौक पर हुई जनसुनवाई। सुबह से शाम 6 बजे तक चली प्रक्रिया।
  • जनता का रुख: पर्यावरण अधिकारी मनवेन्द्र शेखर पांडे के अनुसार, समर्थन और विरोध करने वालों की संख्या लगभग बराबर रही।
  • सुरक्षा: भारी पुलिस बल तैनात रहा, पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
News Spashat CG
Author: News Spashat CG

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