जांजगीर/चांपा 27 अगस्त
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम जनता को जागरूक करने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक ऐसा ऐतिहासिक और अनूठा अभियान चलाया है, जिसने पूरी दुनिया में जिले का नाम रोशन कर दिया है। जिले की पुलिस ने एक घंटे के भीतर एक लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा का संकल्प दिलाते हुए ‘साइबर जागृति की राखी’ बंधवाई। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए जांजगीर-चांपा जिले का नाम ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ (Golden Book of World Records) में दर्ज कर लिया गया है।
एक साथ गूंजा साइबर सुरक्षा का संदेश
इस महाअभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता रही। जिले के कुल 432 ग्रामों, वार्डों, शासकीय प्रतिष्ठानों और उद्योगों के साथ-साथ 336 पंचायतों में एक ही समय पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस प्रशासन के नेतृत्व में हज़ारों वालंटियर्स और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे की कलाई पर ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधकर यह संकल्प लिया कि वे न खुद ऑनलाइन ठगी का शिकार होंगे और न ही किसी को होने देंगे।
क्यों पड़ी इस अनोखी पहल की जरूरत?

आज के डिजिटल युग में जहां एक तरफ तकनीक आसान हुई है, वहीं दूसरी तरफ साइबर ठगों (Online Fraudsters) के जाल भी लगातार फैल रहे हैं। आम आदमी को ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फेक लोन ऐप और लॉटरी के झांसों से बचाने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस ने पारंपरिक भारतीय त्योहार के संदेश (रक्षा और सुरक्षा) को आधुनिक जागरूकता के साथ जोड़ा। राखी के इस धागे को सुरक्षा कवच बनाते हुए लोगों को यह समझाया गया कि कैसे सतर्क रहकर साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।
प्रशासन और जनता की बड़ी जीत

इस विश्व रिकॉर्ड के बनने पर जिलेवासियों और पुलिस महकमे में भारी उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जन-जागरूकता अभियानों से जमीनी स्तर पर लोगों में समझ बढ़ती है, जिससे साइबर क्राइम के मामलों में भारी कमी लाई जा सकती है। जांजगीर-चांपा पुलिस की यह रचनात्मक पहल अब पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई है।




