रायगढ़
जिले में चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसका ताजा उदाहरण शहर की पॉश कॉलोनी में हुई एक बड़ी चोरी से मिलता है। एक तरफ जहां ग्रामीण इलाकों से लेकर घरघोड़ा क्षेत्र तक लगातार चोरियां हो रही थीं, वहीं अब चोरों ने रायगढ़ शहर के सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
हाल ही में ढिमरापुर स्थित वृंदावन कॉलोनी में हुई दुस्साहसिक वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
सिलसिलेवार वारदातों पर एक नजर
- वृंदावन कॉलोनी, रायगढ़: एनटीपीसी लारा के ठेकेदार आनंद कुमार सिंघानिया के सूने मकान का ताला तोड़कर चोरों ने करीब 10 लाख रुपये नकद और एक विदेशी शराब की बोतल पर हाथ साफ कर दिया। परिवार कुछ ही समय के लिए झारसुगुड़ा गया हुआ था, और इसी सूनेपन का फायदा शातिर चोरों ने उठाया।
- घरघोड़ा क्षेत्र: इससे पहले घरघोड़ा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में लगातार हो रही चोरियों से आम नागरिक पहले ही परेशान थे। चोरों का यह बढ़ता दायरा अब शहरी इलाकों के पॉश कॉलोनियों तक पहुंच चुका है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच के मोर्चे
घटना की सूचना मिलते ही कोतरा रोड थाना पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच तेज कर दी है:
- सीसीटीवी फुटेज: कॉलोनी और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके।
- तकनीकी जांच: अपराधियों के आने-जाने के रास्तों और उनके तौर-तरीकों का पता लगाने के लिए फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है।
- सुरक्षा पर सवाल: पॉश कॉलोनियों में इस तरह की सेंधमारी से स्थानीय रहवासियों में भारी रोष और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षित बस्तियों में इस तरह की बड़ी वारदातें होंगी, तो आम आदमी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा।
फिलहाल पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है, लेकिन लगातार हो रही इन वारदातों पर लगाम कसने के लिए पुलिस को अपनी नाइट गश्त और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने की सख्त जरूरत है।





