रायपुर/कवर्धा/कांकेर: छत्तीसगढ़ में ‘हरा सोना’ कहे जाने वाले तेंदूपत्ता के परिवहन के दौरान दो बड़े और खौफनाक हादसे सामने आए हैं। राज्य के कवर्धा और कांकेर जिलों में तेंदूपत्ता से लदे दो ट्रकों में देखते ही देखते भीषण आग लग गई। कवर्धा में जहां हाई वोल्टेज बिजली के तार ने कहर बरपाया, वहीं कांकेर में संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रक आग का गोला बन गया।
इन दोनों ही हादसों में लाखों रुपये का तेंदूपत्ता और दोनों ट्रक जलकर पूरी तरह खाक हो गए हैं। हालांकि, दोनों ही घटनाओं में चालकों की सूझबूझ से एक बड़ी जनहानि टल गई।
हादसा 1: कवर्धा में मौत का तार… हाई वोल्टेज लाइन छूते ही धू-धू कर जला ट्रक
पहली खौफनाक तस्वीर कवर्धा जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र से सामने आई। शुक्रवार को भोंदा कला से तेंदूपत्ता लोड करके एक आईसर ट्रक बोड़ला गोदाम की ओर बढ़ रहा था। तभी नगर पंचायत बोड़ला के दैहान के पास ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली की लाइन ट्रक के ऊपरी हिस्से से टकरा गई।
पलक झपकते ही फैला बारूद: तार टकराते ही आसमान में जोरदार स्पार्किंग हुई और सूखे तेंदूपत्ते ने बारूद की तरह आग पकड़ ली।
जांबाज चालकों ने कूदकर बचाई जान: आग इतनी तेजी से फैली कि ट्रक बर्निंग ट्रेन की तरह नजर आने लगा। खतरे को भांपते ही ड्राइवर और कंडक्टर ने बिना वक्त गंवाए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई।
पुलिसिया कार्रवाई: घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बोड़ला पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
हादसा 2: कांकेर में ‘संदेह की आग’… नारायणपुर जा रहा वाहन बना आग का गोला
तेंदूपत्ता में आगजनी की दूसरी बड़ी वारदात कांकेर जिले से आई है। यहां सोनपुर समिति का तेंदूपत्ता लोड करके एक ट्रक कोयलीबेड़ा के रास्ते नारायणपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रक में आग लग गई।
संभलने का मौका तक नहीं मिला: ट्रक में आग इतनी विकराल थी कि जब तक ड्राइवर या स्थानीय लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग की लपटों ने पूरे वाहन को अपनी आगोश में ले लिया।
लाखों का ‘हरा सोना’ खाक: कोयलीबेड़ा पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रक और उसमें लदा लाखों रुपये का कीमती तेंदूपत्ता मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था। पुलिस आग लगने के सही कारणों का पता लगा रही है।
बड़ा सवाल: इन दो बैक-टू-बैक हादसों ने तेंदूपत्ता के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ट्रकों में ओवरलोडिंग की वजह से ऊंचाई बढ़ी और कवर्धा में तार टकराया? या फिर सुरक्षा मानकों में कोई बड़ी चूक हुई है? पुलिस और वन विभाग दोनों मामलों की सघन जांच में जुटे हैं।





