पामगढ़: पिछले 15 वर्षों से बदहाल सड़क की मार झेल रहे ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे गया है। पामगढ़ के अंबेडकर चौक पर आज आंदोलनकारियों ने अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बीच सड़क के बीचों-बीच चूल्हा जलाकर प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक सड़क निर्माण का ठोस काम शुरू नहीं होगा, वे यहीं अपना भोजन बनाएंगे और यहीं डटे रहेंगे। ‘आमरण अनशन’ के पांचवें दिन प्रशासन की चुप्पी से खफा ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
मूसलाधार बारिश और जर्जर सड़क की मार: पामगढ़ में नन्हे बच्चों और बुजुर्गों ने भरी हुंकार
जांजगीर-चांपा: क्या एक सड़क के निर्माण के लिए 15 साल इंतज़ार करना पड़ता है? यह सवाल आज पामगढ़ के अंबेडकर चौक पर गूँज रहा है। मूसलाधार बारिश में भीगते हुए बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सड़क पर डटी हुई हैं। अपनी बदहाल सड़कों से आजिज़ आकर ग्रामीणों ने आज चक्काजाम कर दिया है। माताओं ने आंदोलन की कमान संभाली है और चूल्हा जलाकर प्रशासन को यह संदेश दिया है कि उनकी ज़रूरतें कितनी बुनियादी हैं। प्रशासन की संवेदनहीनता के खिलाफ ग्रामीणों का यह जज्बा न केवल डराने वाला है, बल्कि सत्ता को आईना दिखाने वाला भी है।
चक्काजाम: 15 वर्षों से लंबित सड़क निर्माण की मांग, प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

जांजगीर: डोंगा-कोहरौद से बलौदाबाजार मार्ग की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। पिछले पांच दिनों से जारी आमरण अनशन आज उग्र चक्काजाम में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद शासन-प्रशासन ने सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। वर्तमान में अंबेडकर चौक पर आवागमन पूरी तरह बाधित है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि कार्य शुरू होने के लिखित आश्वासन के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा।
ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

- मौका: पामगढ़ अंबेडकर चौक।
- मुद्दा: 15 साल से बदहाल डोंगा-कोहरौद सड़क।
- तस्वीर: बारिश के बीच सड़क पर चूल्हा जलाकर विरोध।
- मांग: तुरंत सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
- स्थिति: आमरण अनशन का पांचवां दिन, पुलिस बल तैनात, प्रशासन से वार्ता का इंतज़ार। “हमारी सड़क, हमारा हक!” के नारों से गूँजा पामगढ़।





