घरघोड़ा: आमतौर पर लोग साल में एक बार अपना जन्मदिन मनाते हैं, लेकिन घरघोड़ा के छोटे गुमड़ा वार्ड नं. 1 के पंच और युवा मोर्चा के मंडल महामंत्री राहुल गुप्ता की कहानी बिल्कुल अलग है। राहुल का जन्मदिन साल में दो बार आता है। पहला—उनका वास्तविक जन्मदिवस, 6 जुलाई, 2001और दूसरा—वह दिन, जिसे वे अपना ‘पुनर्जन्म’ मानते हैं, 12 फरवरी।2020
हाथी का हमला और मौत के मुंह से वापसी
12 फरवरी 2020 की वह तारीख, जब एक खूंखार हाथी के हमले में राहुल गुप्ता मौत के बिल्कुल करीब थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उस भयानक हादसे में उन्हें जीवनदान मिला, जिसे वे किसी चमत्कार से कम नहीं मानते। इसी घटना के बाद से राहुल गुप्ता की आस्था का केंद्र बदल गया और वे बजरंग बली हनुमान जी के अनन्य भक्त बन गए। आज वे अपनी हर कामयाबी और हर दिन की शुरुआत हनुमान जी की भक्ति के साथ करते हैं।
छोटी उम्र, बड़ी उपलब्धियां
बहुत ही कम उम्र में ग्रामीण अंचल की चुनौतियों को समझते हुए, राहुल गुप्ता ने सक्रिय राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। भाजयुमो सोशल मीडिया प्रभारी के तौर पर युवाओं की आवाज बनना हो या घरघोड़ा मंडल के महामंत्री के रूप में संगठन को मजबूत करना, राहुल ने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।
शुभकामनाओं के सैलाब के बीच आभार
आज 6 जुलाई को अपने जन्मदिन के मौके पर राहुल गुप्ता को सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स—फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप—पर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है। इस अपार स्नेह पर राहुल ने सभी साथियों, पारिवारिक मित्रों और शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
राहुल गुप्ता का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी साहस नहीं हारना चाहिए। उनकी यह ‘दो जन्मदिन’ वाली कहानी केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि जीवन के प्रति उनकी सकारात्मक सोच और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का प्रमाण है।





