- एफआईआर और पूछताछ: कोतवाली पुलिस ने मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
सरगुजा जिला: जिले के एक ग्रामीण इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक भयावह घटना सामने आई है। यहाँ 14 साल की एक नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ दरिंदगी का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला उपसरपंच के पति पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है।
100 से अधिक ग्रामीणों का थाने पर प्रदर्शन
इस घिनौनी करतूत से आहत पीड़िता के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार शाम को 100 से ज्यादा की संख्या में ग्रामीण और परिजन सीधे कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ तत्काल लिखित शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों के भारी दबाव और आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- गिरफ्तारी और FIR: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल FIR दर्ज की और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल थाने में आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
- गंभीर धाराओं के तहत केस: पुलिस ने इस मामले में POCSO एक्ट, दुष्कर्म और धमकी देने से संबंधित तमाम सख्त धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
- मेडिकल जांच: कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल और जनता का आक्रोश
यह वीभत्स मामला आदिवासी अंचलों में नाबालिग बच्चियों और छात्राओं की सुरक्षा-व्यवस्था पर बहुत बड़ा और गंभीर सवालिया निशान खड़ा करता है। स्थानीय स्तर पर भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का साफ तौर पर कहना है कि आरोपी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे ऐसी कठोर सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सत्ता या पद के बल पर किसी निर्दोष का शोषण करने की हिम्मत न जुटा सके।





