रायगढ़ / पूंजीपथरा
थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मां शिवा स्टील प्लांट में एक बड़ा और दर्दनाक औद्योगिक हादसा हुआ है। प्लांट के इंडक्शन फर्नेस में अचानक बॉयलिंग (ब्लास्ट जैसी स्थिति) होने से चपेट में आए पांच गंभीर रूप से झुलसे श्रमिकों में से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस घटना के बाद से औद्योगिक सुरक्षा और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूंजीपथरा स्थित मां शिवा स्टील प्लांट में रोज की तरह श्रमिक अपनी नियमित शिफ्ट में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक इंडक्शन फर्नेस में तकनीकी खराबी के चलते तेज बॉयलिंग और विस्फेट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस अप्रत्याशित हादसे की चपेट में वहां काम कर रहे पांच कर्मचारी—प्रमोद सोनी, चौखट सिंह, गुड्डू कुमार, चतुर यादव और शनिराम राठिया बुरी तरह झुलस गए।
रायपुर रेफर के दौरान तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों ने आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी जिंदल फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया।
- यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद प्रमोद सोनी और चौखट सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया था।
- रायपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
- वहीं, जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती अन्य तीन श्रमिक गुड्डू कुमार, चतुर यादव और शनिराम राठिया जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक तीनों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन सख्त: मालिक और मैनेजर पर मामला दर्ज
हादसे की सूचना मिलते ही पूंजीपथरा पुलिस और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि प्लांट के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भारी अनियमितताएं बरती जा रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर प्लांट के मालिक और मैनेजर के खिलाफ प्रासंगित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। विभाग का कहना है कि विस्तृत जाँच रिपोर्ट आने के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




