खरसिया: क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए खरसिया थाना पुलिस ने पूरी तरह से मुस्तैद रुख अपना लिया है। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस ने एक विशेष ‘स्मार्ट वेरिफिकेशन ड्राइव’ (Smart Verification Drive) की शुरुआत की है, जिसके तहत इलाके में फेरी लगाकर बर्तन और अन्य सामान बेचने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है।
बाहरी लोगों की पहचान और दस्तावेजों की पड़ताल
पुलिस टीम ने अभियान के दौरान मौके पर पहुंचकर फेरीवालों की पहचान सुनिश्चित की। इस दौरान उनके जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के साथ-साथ उनके मूल निवास और अन्य स्थानीय जानकारियों का भी सत्यापन किया गया। जांच में यह बात सामने आई कि इनमें से कई व्यक्ति बाहरी क्षेत्रों से आकर यहां कारोबार कर रहे हैं। पुलिस ने सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल करने के बाद उन्हें स्थानीय नियमों और कानून का पूरी तरह पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।
पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन
वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के तहत इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है:
- एसएसपी: शशि मोहन सिंह के निर्देशन में
- एएसपी: अनिल सोनी एवं एसडीओपी सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में
- थाना प्रभारी: निरीक्षक सीताराम ध्रुव के नेतृत्व में
- सक्रिय टीम: सब इंस्पेक्टर अमरनाथ शुक्ला, एसआई कमलेश मरावी और आरक्षक बिशोप सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी
’प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ और जनसुरक्षा पर जोर
पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस अभियान का मकसद किसी आम नागरिक या मेहनतकश को परेशान करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ (Preventive Policing) के तहत क्षेत्र में आने वाले हर बाहरी व्यक्ति की पुख्ता जानकारी रखना है ताकि संभावित खतरों को पहले ही टाला जा सके।
खरसिया पुलिस का कड़ा संदेश साफ है—“सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर और हर नागरिक की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” यह पहल साबित करती है कि पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर उतरकर सक्रिय रूप से सुरक्षा चक्र मजबूत कर रही है।




