घरघोड़ा/रायगढ़
कभी ब्लैकबोर्ड पर गणित के कठिन समीकरण समझाकर छात्रों का भविष्य संवारने वाले छाल निवासी दिनेश चंद्रा सर आज खाकी वर्दी में अपराधियों का गणित बिगाड़ रहे हैं। टेंडा नवापारा क्षेत्र के स्कूल में शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ाने वाले दिनेश चंद्रा ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सिविल सेवा परीक्षा (या पुलिस विभाग की प्रक्रिया) में सफलता हासिल कर (वर्तमान में बैकुंठपुर थाना प्रभारी) तक का सफर तय किया। शिक्षक से पुलिस अधिकारी बनने की यह प्रेरणादायक यात्रा आज शिक्षक दिवस के अवसर पर उनके पुराने छात्रों के जेहन में ताजा हो उठी है।
सख्त तेवर और बेखौफ कार्यशैली
वर्तमान में बैकुंठपुर में थाना प्रभारी के पद पर सेवाएं दे रहे दिनेश चंद्र सर के क्षेत्र में पदभार संभालते ही अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच हड़कंप मच गया है। उनकी कार्यशैली इतनी प्रभावी और सख्त है कि अपराध करने वालों के मन में हमेशा खाकी का खौफ बना रहता है। वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए जाने जाते हैं।
सम्मान और उपलब्धियां
अपनी उत्कृष्ट और निष्ठावान सेवाओं के लिए उन्हें समय-समय पर कई प्रतिष्ठित पदकों (मेडल) से सम्मानित किया जा चुका है। क्लासरूम से लेकर थाने की कमान संभालने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि लगन सच्ची हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। आज शिक्षक दिवस पर टेंडा नवापारा क्षेत्र के सभी छात्र अपने गुरु को गर्व के साथ याद कर रहे हैं, जिन्होंने कभी उन्हें जीवन का सही पाठ पढ़ाया था।
छात्र सदैव उन्हें आगे बढ़ता देखना चाहते है ऐसी मनोकामना शिक्षक दिवस पर





