रायगढ़/घरघोड़ा:
अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के परिसर में बुधवार को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधिपति एवं रायगढ़ जिला पोर्टफोलियो न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत का प्रथम आगमन हुआ। उनके साथ रजिस्ट्रार विजिलेंस श्री अब्दुल जाहिर कुरैशी और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रायगढ़) श्री जितेंद्र जैन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय अधिवक्ताओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री कैलाश गुप्ता ने मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत को पुष्पगुच्छ भेंट किया। वहीं, रजिस्ट्रार विजिलेंस श्री अब्दुल जाहिर कुरैशी का स्वागत अधिवक्ता श्री सुनील ठाकुर ने तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र जैन का स्वागत श्री जी.डी. लहरें ने पुष्पगुच्छ से किया। इस दौरान विधिक जगत की इन महान विभूतियों के स्वागत को लेकर स्थानीय वकीलों में अभूतपूर्व उत्साह और हर्ष का माहौल देखा गया।

बार और बेंच का सामंजस्य है जरूरी: न्यायाधिपति
अपने सारगर्भित और प्रेरणादायक उद्बोधन में माननीय न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत ने न्याय प्रणाली में अधिवक्ताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “न्याय दान की प्रक्रिया को सुलभ और त्वरित बनाने के लिए बार (अधिवक्ता) और बेंच (न्यायाधीश) का आपसी सामंजस्य अनिवार्य है। जब दोनों पक्ष मिलकर एक सकारात्मक वातावरण में कार्य करते हैं, तभी अंतिम छोर पर खड़े पीड़ित पक्षकार को वास्तविक और समय पर न्याय प्राप्त होता है।”
“बार और बेंच का सामंजस्य ही पीड़ित को समय पर दिलाता है न्याय”: घरघोड़ा में बोले हाईकोर्ट के न्यायाधिपति सचिन सिंह राजपूत

न्याय प्रणाली की मजबूती और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं रायगढ़ जिला पोर्टफोलियो न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत का घरघोड़ा प्रवास बेहद महत्वपूर्ण रहा। अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उनके साथ रजिस्ट्रार विजिलेंस श्री अब्दुल जाहिर कुरैशी और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र जैन ने भी शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आतिथ्य के साथ हुआ, जहाँ संघ के अध्यक्ष श्री कैलाश गुप्ता ने मुख्य अतिथि का, अधिवक्ता सुनील ठाकुर ने रजिस्ट्रार विजिलेंस का और श्री जी.डी. लहरें ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। अतिथियों के आगमन से स्थानीय अधिवक्ताओं में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ।
न्याय प्रक्रिया पर वैचारिक मंथन
सभा को संबोधित करते हुए न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत ने न्यायिक व्यवस्था के मूल स्तंभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्वरित न्याय किसी एक पक्ष के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए बार और बेंच के बीच मजबूत तालमेल होना चाहिए। उन्होंने वकीलों का आह्वान किया कि वे अपनी कानूनी दक्षता और सकारात्मक दृष्टिकोण से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने में अपनी अहम भूमिका निभाते रहें।
हाईकोर्ट के न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत ने किया अधिवक्ता संघ परिसर का दौरा

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं रायगढ़ जिला पोर्टफोलियो न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत पहली बार घरघोड़ा अधिवक्ता संघ के परिसर पहुँचे। उनके साथ रजिस्ट्रार विजिलेंस श्री अब्दुल जाहिर कुरैशी और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र जैन भी मौजूद रहे।
अध्यक्ष कैलाश गुप्ता, सुनील ठाकुर और जी.डी. लहरें ने संघ की ओर से आए अतिथियों का पुष्पगुच्छ से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में न्यायाधिपति श्री राजपूत ने कहा कि न्याय प्रक्रिया को सुलभ और त्वरित बनाने के लिए बार और बेंच का आपसी सामंजस्य बेहद जरूरी है। इस ऐतिहासिक आयोजन से स्थानीय अधिवक्ताओं में भारी उत्साह देखा गया।





