अम्बिकापुर/सीतापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उप तहसील राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी ने भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर बीच सड़क पर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, दूसरी ओर विधायक पक्ष की ओर से नायब तहसीलदार पर महिला से अभद्र व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑन ड्यूटी मजिस्ट्रेट से मारपीट का आरोप, टूटे शर्ट के बटन
नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी का आरोप है कि विधायक के समर्थकों और स्वयं विधायक ने उनके साथ ऑन ड्यूटी मारपीट की है। पीड़ित अधिकारी के अनुसार, मारपीट के कारण उनके चेहरे पर चोटें आई हैं और शर्ट के बटन भी टूट गए।
घटना के वक्त मौके पर एसडीएम फागेश सिन्हा भी मौजूद
थे, जिन्होंने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। इसके बाद एसडीएम और नायब तहसीलदार सीधे अम्बिकापुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां कलेक्टर अजीत वसंत और अन्य उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में पीड़ित अधिकारी ने अपनी आपबीती सुनाई। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में कोतवाली थाने में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
विवाद की वजह: प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर को लेकर हुआ था विवाद
नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के अनुसार, पूरा विवाद एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर को लेकर शुरू हुआ:
अधिकारी का पक्ष: एक महिला उनके पास दस्तावेज लेने आई थी, लेकिन उस समय कार्यालय में रीडर मौजूद नहीं थे। रीडर के बिना हस्ताक्षर कहां होना है, यह तय नहीं था, इसलिए वे अपने घर चले गए। इसके बाद विधायक के पीए का फोन आया और उन्हें राजापुर बुलाया गया।
जब वे एसडीएम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर बदतमीजी का झूठा आरोप लगाकर पहले समर्थकों ने और फिर विधायक ने हाथ पकड़कर उनके साथ मारपीट की।
विधायक की बहन का आरोप: “तहसीलदार ने किया अभद्र व्यवहार”
दूसरी ओर, मामले में राजनीतिक पक्ष भी सामने आया है। विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने सीतापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
विधायक पक्ष का आरोप: सीमा धनकी का कहना है कि जब वे राजापुर उप तहसील कार्यालय में प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने पहुंचीं, तो नायब तहसीलदार ने उनके साथ अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया। हालांकि, नायब तहसीलदार ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विधायक की बहन द्वारा तत्काल हस्ताक्षर करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा था।
कलेक्टर का बयान: दोनों पक्षों की होगी निष्पक्ष जांच
इस संवेदनशील मामले पर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
”शाम को सीतापुर विधायक का फोन आया था, जिन्होंने नायब तहसीलदार द्वारा बदतमीजी किए जाने की बात कही थी, जिसके बाद एसडीएम को मौके पर स्थिति देखने भेजा गया था। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी ने मारपीट का आरोप लगाया है। थाने में दोनों ही पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी और सत्यता के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तनाव
एक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट (नायब तहसीलदार) के साथ सरेराह हुई इस कथित मारपीट के बाद से प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। वहीं, सत्ताधारी दल के विधायक पर लगे इन आरोपों के बाद क्षेत्र का राजनीतिक तापमान भी बढ़ गया है। अब सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच और आने वाले एक्शन पर टिकी हैं।





