August 5, 2026 3:46 am

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छत्तीसगढ़ मानसून सत्र: विपक्ष का बड़ा दांव, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस

रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सरकार को घेरने की बड़ी रणनीति तैयार कर ली है। विपक्ष के नेता डॉ. चरणदास महंत ने पुष्टि की है कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाएगी। डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार, बिजली संकट, महंगाई और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण कांग्रेस का वर्तमान सरकार से भरोसा उठ गया है। सत्र के दौरान प्रश्नकाल में भी तीखी बहस के आसार हैं, क्योंकि विधानसभा सचिवालय को अब तक कुल 1,033 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा है।

नकटी कांड से लेकर किसान-महंगाई तक, मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

​ छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के हंगामेदार होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस ने केवल अविश्वास प्रस्ताव ही नहीं, बल्कि नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को भी एक प्रमुख मुद्दा बनाया है। कांग्रेस इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाकर सदन में तीखे तेवर अपनाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में हुई रणनीति बैठक में यह तय किया गया कि सदन के भीतर और बाहर सरकार की विफलता को उजागर किया जाएगा। चुनावी वादों के पूरा न होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी पूरी कर ली है।

 क्या है अविश्वास प्रस्ताव और छत्तीसगढ़ की राजनीति में इसका महत्व?

: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही एक बार फिर ‘अविश्वास प्रस्ताव’ चर्चा के केंद्र में है। संसदीय नियमों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव किसी एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी मंत्रिपरिषद के खिलाफ लाया जाता है। यह विपक्ष का वह संवैधानिक हथियार है जिससे वह सरकार के बहुमत और कार्यप्रणाली को चुनौती देती है। प्रस्ताव पेश होने के बाद सदन में विस्तृत चर्चा होती है और अंत में मतदान के जरिए यह तय होता है कि सरकार के पास सदन का विश्वास है या नहीं। इस बार के सत्र में 1,033 सवालों के साथ विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी की है। जहां एक ओर विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार की परीक्षा लेने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लगे प्रश्नों के उत्तर देना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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Author: News Spashat CG