*लैलूंगा में विकास की नहीं, श्रेय लेने की राजनीति!*
लैलूंगा। कुँजारा–तोलगे सड़क के मरम्मत कार्य को लेकर इन दिनों कुछ नेताओं द्वारा श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। क्या कहते हैं सुनिए लैंलूगा मण्डल उपाध्यक्ष दिनेश यादव
भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ चुके रवि भगत और कांग्रेस से जुड़े कुछ नेता इस कार्य का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि क्षेत्र की जनता अच्छी तरह जानती है कि विकास की रफ्तार किस सरकार के कार्यकाल में बढ़ी है।
सवाल यह है कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी और लैलूंगा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कांग्रेस के पास था, तब वर्षों से लंबित सड़क, पुल-पुलिया, सीसी रोड, छात्रावास और अन्य आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता क्यों नहीं मिली? जिन समस्याओं से क्षेत्र की जनता लंबे समय तक जूझती रही, उनका समाधान उस समय क्यों नहीं हो सका?
*लैलुंगा भाजपा मण्डल उपाध्यक्ष दिनेश कुमार यादव* का कहना है कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिलने का दावा किया जा रहा है। लैलूंगा क्षेत्र में भी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं और कई कार्य तेजी से धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। भाजपा का कहना है कि उसकी प्राथमिकता केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि विकास कार्यों को समय पर पूरा कर जनता तक उसका लाभ पहुंचाना है।
चुनावी माहौल बनते ही कुछ नेता उन कार्यों का भी श्रेय लेने लगते हैं, जिनकी स्वीकृति, वित्तीय मंजूरी और क्रियान्वयन सरकार की योजनाओं के तहत हुआ है। ऐसे में जनता के सामने वास्तविकता भी स्पष्ट है।
लैलूंगा की जनता अब केवल दावों पर नहीं, बल्कि ज़मीनी विकास पर विश्वास करती है। सड़कें, पुल, पेयजल, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं में हुए कार्य स्वयं इस बात के गवाह हैं कि विकास किसके कार्यकाल में आगे बढ़ा।
अब निर्णय जनता के हाथ में है। श्रेय की राजनीति कितनी सफल होगी, इसका जवाब आने वाला समय देगा। लेकिन इतना तय है कि जनता सब देख रही है, सब समझ रही है और विकास के नाम पर राजनीति तथा वास्तविक विकास के बीच का अंतर भी पहचान रही है।





