August 5, 2026 11:42 am

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​रायगढ़: बगावती सुरों का अंजाम? भाजपा के कद्दावर नेता रवि भगत ने छोड़ी पार्टी की राह

रायगढ़: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज उस समय हलचल मच गई, जब भाजपा के कद्दावर नेता रवि भगत ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र भाजपा मंडल, राजपुर के अध्यक्ष को सौंपा है।

इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि

संलग्न दस्तावेज़ 1002879088.jpg में रवि भगत द्वारा हस्ताक्षरित इस्तीफा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने पत्र में लिखा है, “मेरे जैसे एक छोटे से गांव के व्यक्ति को भाजपा ने जो सम्मान और पहचान दी, उसके लिए कोटि-कोटि साधुवाद, परंतु कुछ निजी कारणों से मैं रवि भगत भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहा हूं।” इस इस्तीफे की प्रतिलिपि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को भी भेजी है।

चर्चाओं का बाजार गर्म: बगावती तेवर बने इस्तीफे की वजह?

राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। जानकारों का मानना है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही रवि भगत के तेवर पार्टी लाइन से अलग नजर आ रहे थे। वे सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं, विशेषकर  के मंत्री ओपी चौधरी के कार्यशैली को लेकर खुलकर अपनी राय रखते आए थे।

समाज की आवाज बनने का सफर

कहा जा रहा है कि पार्टी के नीतियों के खिलाफ जाकर समाज की आवाज उठाना और स्थानीय नेतृत्व की मुखालफत करना रवि भगत के लिए महंगा साबित हुआ। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले रवि भगत का यह सफर अब एक बड़े मोड़ पर आकर रुक गया है।

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुशासन और पार्टी की कार्यप्रणाली के बीच रवि भगत का यह कदम आने वाले समय में रायगढ़ की राजनीति में कोई नया समीकरण पैदा कर सकता है। फिलहाल, भाजपा आलाकमान की ओर से इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Author: News Spashat CG