अब पैदल ही सफर तय करने को मजबूरी
छाल /खरसिया
क्षेत्र में सड़कों की जर्जर हालत और प्रशासनिक लापरवाही के चलते आम जनता का सफर अब जानलेवा साबित हो रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि सड़कों पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है। ताजा मामला छाल-खरसिया मार्ग का है, जहां सड़क पर बने विशाल गड्ढों और कीचड़ के दलदल में एक यात्री बस बुरी तरह फंस गई।
घुटनों तक कीचड़ से गुजरने को मजबूर राहगीर
इस मार्ग की जर्जर हालत के चलते वाहन चालकों और यात्रियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि राहगीरों और महिलाओं को घुटनों तक भरे कीचड़ के रास्तों से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी बारिश में यह मार्ग किसी दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
जनता का सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन?
स्थानीय लोगों और यात्रियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि बार-बार शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जनता सवाल पूछ रही है कि:
- “क्या शासन-प्रशासन किसी बड़े सड़क हादसे का इंतज़ार कर रहा है, तब जाकर इन सड़कों की सुध ली जाएगी?”
- “आखिर कब बनेगी यह सड़क? बार-बार आंदोलन और चक्का जाम के बाद भी स्थानीय लोगों को सिर्फ आश्वासन क्यों मिल रहा है?”
नरकीय जीवन से मुक्ति की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से कड़े शब्दों में मांग की है कि जल्द से जल्द इस मार्ग का निर्माण और मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए, ताकि जनता को इस नरकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।





