September 20, 2026 1:32 am

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रायगढ़: घरघोड़ा के भेंगारी-बिलासखार जंगलों में 20 से 25 हाथियों का दल; क्षेत्र में दहशत का माहौल

रायगढ़/घरघोड़ा वन मंडल के  क्षेत्र अंतर्गत भेंगारी और बिलासखार के जंगलों में आज हाथियों का एक बड़ा दल विचरण करते देखा गया। लगभग 20 से 25 हाथियों के इस दल ने जंगल से निकलकर मुख्य मार्ग को पार किया। हाथियों के इस झुंड में छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिन्हें देखकर वहां से गुजर रहे राहगीरों की जान हलक में आ गई। सड़क के आर-पार खड़े लोग अपनी जान जोखिम में डालकर हाथियों को निहारते और वीडियो बनाते नजर आए।

आस पास के 15 से 20 गांवों में दहशत का माहौल

 

हाथियों के इस विशाल दल की मौजूदगी से आसपास के 10 से 15 गांवों में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीण अपनी फसलों और जान-माल की सुरक्षा को लेकर रात भर जागने को मजबूर हैं। भेंगारी और बिलासखार क्षेत्र के निवासी दिन ढलते ही घर के बाहर निकलने से डर रहे हैं।

इस इलाके में हाथियों की आवाजाही के बावजूद वन विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। हाल ही में हुई कई दुखद घटनाओं ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कुछ दिन पूर्व ही रायगढ़  घरघोड़ा क्षेत्र में एक हाथी की रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, हाल ही में ‘ग्राम छर्राटांगर’ में हाथियों के दल द्वारा दौड़ाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इन घटनाओं के बावजूद वन विभाग की सक्रियता में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।

संसाधन पर्याप्त, फिर भी व्यवस्था लाचार

विभाग के पास थर्मल कैमरा, ड्रोन कैमरा और अन्य अत्याधुनिक ट्रैकिंग संसाधन मौजूद हैं, फिर भी हाथियों की लोकेशन की पूर्व सूचना समय रहते ग्रामीणों तक नहीं पहुंचाई जा रही है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि वन विभाग की टीम केवल किसी बड़ी अनहोनी या दुर्घटना के घटित होने के बाद ही मौके पर पहुंचती है। मॉनिटरिंग के नाम पर की जा रही खानापूर्ति, किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।

क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्या वन विभाग किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? भेंगारी और बिलासखार के जंगलों से गुजरने वाले मार्ग पर हाथियों के मूवमेंट के दौरान वन कर्मियों की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि विभाग का धरातल पर प्रबंधन पूरी तरह विफल हो चुका है। हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखने के बजाय विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

जवाबदेही तय करने की मांग

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग ने जल्द ही अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो आने वाले समय में जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

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Author: News Spashat CG