घरघोड़ा:
शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, रायकेरा में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ शासन की ‘सरस्वती साइकिल योजना’ के तहत सत्र 2026-27 में अध्ययनरत कक्षा 9वीं की 46 पात्र छात्राओं को नि:शुल्क साइकिलें वितरित की गईं।
कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ग्राम पंचायत रायकेरा की सरपंच श्रीमती सुलोचना राठिया, उप सरपंच श्री रोहित साहू, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति की अध्यक्षा श्रीमती कुमुदिनी राठिया, प्राचार्य श्री शैलेंद्र कुमार कर्ण, सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नि:शुल्क साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। छात्राओं ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों से पैदल विद्यालय आती थीं, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की खपत होती थी। अब साइकिल मिलने से उनकी यात्रा आसान होगी। प्राचार्य श्री कर्ण ने छात्राओं को सुरक्षित उपयोग करने और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
दूसरी ओर साइकिलों की गुणवत्ता और दस्तावेजों को लेकर उठी गंभीर चिंताएं:

एक तरफ जहां विद्यालयों में योजना के तहत साइकिलें बांटी जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इनकी गुणवत्ता और दस्तावेजों की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत उपाध्यक्ष, रायगढ़ श्री दीपक सिदार को एक लिखित शिकायत प्रेषित की गई है।
शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि:
- विगत वर्षों में वितरित अनेक साइकिलों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे छात्राओं को बार-बार खराबी और मरम्मत का सामना करना पड़ रहा है।
- अधिकांश छात्राओं को साइकिल का बिल, वारंटी कार्ड या अन्य आवश्यक खरीद संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं।
- इसके कारण साइकिल चोरी होने पर या वारंटी का दावा करने में छात्राओं और परिजनों को भारी प्रशासनिक व कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
पत्र के माध्यम से कड़ी मांग की गई है कि प्रत्येक छात्रा को साइकिल के साथ उसका बिल और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं तथा गुणवत्ताहीन साइकिलों के वितरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। ऐसा न होने पर मजबूरन वितरण करने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराते हुए जांच के लिए उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।





