रायगढ़/तमनार रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग सेंटर के 39 विद्यार्थियों का चयन देश और राज्य के प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों के लिए हुआ है। यह सेंटर का अब तक का सबसे बेहतरीन परिणाम है।
चयन का विस्तृत विवरण
अदाणी फाउंडेशन के गारे पेलमा-3, गारे पेलमा-2 और पेलमा माइनिंग परियोजनाओं की सामाजिक सरोकार शाखा के अंतर्गत यह कोचिंग संचालित होती है। इस वर्ष चयनित विद्यार्थियों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय: 34 विद्यार्थी
- जवाहर नवोदय विद्यालय: 1 विद्यार्थी
- उत्कर्ष विद्यालय: 3 विद्यार्थी
- सैनिक स्कूल: 1 विद्यार्थी
मिलूपारा गांव बना सफलता की विशेष मिसाल
तमनार क्षेत्र का मिलूपारा गांव इस वर्ष की सफलता का मुख्य केंद्र रहा है। इस एक ही गांव के 17 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में हुआ है।
- इनमें से अधिकांश बच्चे श्रमिक परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।
- गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं किसी से पीछे नहीं हैं।
3 वर्षों में 87 बच्चों का सफल सफर
अदाणी फाउंडेशन का यह शिक्षा अभियान लगातार शानदार परिणाम दे रहा है:
- वर्ष 2023 से अब तक: कुल 87 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित संस्थानों में हो चुका है।
- सुविधाएं: सेंटर पर विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं के साथ-साथ निःशुल्क स्टडी मटेरियल, विशेष मार्गदर्शन और प्रैक्टिस टेस्ट की सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त दी जाती हैं।
सफलता के प्रमुख आधार
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं:
- विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और सीमित संसाधनों में भी आगे बढ़ने की जि लद।
- शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का निरंतर सहयोग।
- अदाणी फाउंडेशन की टीम के लगातार प्रयास, जो शिक्षा को सामाजिक विकास का मुख्य आधार मानकर ग्रामीण बच्चों को सशक्त बना रहे हैं।

इस शानदार उपलब्धि से न केवल तमनार क्षेत्र में शिक्षा को लेकर एक सकारात्मक और उत्साहजनक माहौल बना है, बल्कि अन्य बच्चों को भी अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा मिल रही है।





