रायगढ़:
दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भी सर्व आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नीट (NEET) पेपर लीक के विरोध और प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।
अंबेडकर चौक से शुरू हुआ जुलूस
यह प्रदर्शन स्थानीय अंबेडकर चौक से एक विशाल जुलूस के रूप में शुरू हुआ। हाथों में तिरंगा झंडा, बैनर और तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं और नागरिकों में भारी उत्साह और आक्रोश देखा गया।

मुख्य मांगें और मुद्दे
प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों के माध्यम से अपनी प्रमुख मांगें रखीं:
- नीट पेपर लीक का विरोध: प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
- सोनम वांगचुक का समर्थन: सोनम वांगचुक के आंदोलन और उनकी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई गई।
- शिक्षा और रोजगार सुरक्षा: तख्तियों पर “डिग्रियां नहीं हमें रोजगार चाहिए” जैसे नारे लिखकर बेरोजगारी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की गई।





