रायगढ़/तमनार
औद्योगिक नगरी तमनार क्षेत्र में मानसून की दस्तक के साथ ही ग्रामीण सड़कों की बदहाली खुलकर सामने आ गई है। देवगांव से पडिगांव, महलोई और गौरबाहरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों तालाब में तब्दील हो चुका है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों के लिए यहां से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं है।
पडिगांव स्कूल के पास स्थिति बेहद चिंताजनक
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर जगह-जगह सड़क के किनारे कट चुके हैं और कीचड़ की वजह से फिसलन बढ़ गई है। विशेषकर पडिगांव स्कूल के आसपास के हिस्से की स्थिति बेहद दयनीय है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान हर वक्त दुर्घटना का डर सताता रहता है। गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किसी भी क्षेत्र की जीवनरेखा होती है, लेकिन यहां की मौजूदा स्थिति विकास के दावों की पोल खोल रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना तुरंत इस मार्ग का सर्वे कराया जाए।
लोगों को उम्मीद है कि सुशासन की इस सरकार में उनकी इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य संबंधित माध्यम से इस मार्ग का गुणवत्तापूर्ण निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। अब जनता को कोरे आश्वासनों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस काम की दरकार है।





