October 29, 2026 12:14 am

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​छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की फजीहत: 26 जून को भर्ती, 30 जून को मौत… फिर भी 42 दिन तक कैसे जारी रहा आयुष्मान का फर्जीवाड़ा?

अंबिकापुर / जशपुर:

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग और आयुष्मान योजना के संचालन पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जशपुर जिले के आरक्षक स्व. देवनारायण राम की मौत के 42 दिन बीत जाने के बाद भी कागजों पर उनका इलाज जारी रहने और आयुष्मान योजना के तहत फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला सामने आया है।

​क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के आरक्षक देवनारायण राम को 26 जून को अंबिकापुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 30 जून को उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनका मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) भी जारी कर दिया गया था।

​लेकिन हैरानी की बात यह है कि आरक्षक की मौत के कई हफ्तों बाद भी उनके नाम पर आयुष्मान योजना का फर्जीवाड़ा चलता रहा। परिजनों के अनुसार, मौत के 42 दिन बाद तक उनकी पत्नी के मोबाइल पर आयुष्मान सारथी (Ayushman Sarathi) की तरफ से लगातार मैसेज आते रहे।

​आयुष्मान पोर्टल पर दर्ज विवरण:

  • ​भर्ती तिथि: 26/06/2026
  • ​डिस्चार्ज तिथि: 06/08/2026
  • ​अस्पताल में रहने की अवधि: 42 दिन
  • ​संबंधित अस्पताल: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर (सरगुजा)

​जब मरीज 30 जून को ही दुनिया छोड़ चुका था, तब 6 अगस्त 2026 को उसे अस्पताल से “स्वस्थ होकर घर लौटने” का मैसेज कैसे मिल गया? इस गंभीर लापरवाही और आयुष्मान के पैसों की कथित हेराफेरी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।

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​विष्णु के सुशासन में गजब का खेल:

मृत आरक्षक का 42 दिन तक कागजों में होता रहा इलाज, आयुष्मान से डकारे गए पैसे!

​छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। जशपुर जिले के आरक्षक स्व. देवनारायण राम को 26 जून को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 30 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी और अस्पताल ने डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया था।

​लेकिन साहब… कागजों की दुनिया निराली है! मृत्य के 42 दिन बाद भी आयुष्मान योजना के पोर्टल पर उनका इलाज चलता रहा। पत्नी के मोबाइल पर मैसेज आते रहे कि मरीज स्वस्थ होकर घर लौट रहा है और उनका डिस्चार्ज 06 अगस्त 2026 को दिखाया गया।

  • ​क्या यह सिर्फ तकनीकी गलती है या आयुष्मान योजना के फंड को ठिकाने लगाने का बड़ा खेल?
  • ​जब मरीज की मौत 30 जून को हो गई, तो 42 दिनों तक अस्पताल के रिकॉर्ड में उसका इलाज कौन कर रहा था और इसके पैसे किसके खाते में जा रहे थे?

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  • ​घटना: मृत आरक्षक के नाम पर आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा।
  • ​स्थान: शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर (सरगुजा)।
  • ​पीड़ित: स्व. देवनारायण राम (आरक्षक, जिला जशपुर)।
  • ​मुख्य तिथियां:
    • ​अस्पताल में भर्ती: 26 जून 2026
    • ​वास्तविक मृत्यु: 30 जून 2026 (डेथ सर्टिफिकेट जारी)
    • ​कागजी डिस्चार्ज तिथि: 06 अगस्त 2026 (अवधि: 42 दिन)
  • ​मामला: मौत के 42 दिन बाद तक मोबाइल पर आयुष्मान के मैसेज आने और फर्जी बिलिंग का खुलासा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
News Spashat CG
Author: News Spashat CG

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