रायगढ़/छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर (Smart Meter) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब तेजी से उग्र रूप लेता जा रहा है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार हल्ला बोलते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया और सरकार से तत्काल स्मार्ट मीटर को वापस लेने या हटाने की मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ युवा कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
क्या कहते है उस्मान beg
रायगढ़ में हुए कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष उस्मान बेग ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
इस दौरान उस्मान बेग ने कड़े शब्दों में कहा कि “कांग्रेस की सरकार में बिजली आधे दरों पर मिलती थी, लेकिन इस सरकार ने लूट मचा रखी है। दिल्ली के तर्ज पर अब युवा जाग चुका है और बदलाव चाहता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के हक पर डाका डालने वाली इन नीतियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन की मुख्य बातें:
- प्रमुख चेहरे: इस प्रदर्शन में खरसिया के विधायक उमेश पटेल विशेष रूप से शामिल हुए। उनके अलावा यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उग्र रुख को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट परिसर के सामने भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए थे।
- नारेबाजी और चेतावनी: प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के जरिए आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध की मुख्य वजहें:
- बढ़ी हुई बिजली खपत और बिल का डर: जनता और कांग्रेस का मानना है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
- प्री-पैड व्यवस्था का विरोध: स्मार्ट मीटर से जुड़ी प्री-पैड और तकनीकी व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में असमंजस और असंतोष का माहौल है।
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किलें: स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, रायगढ़ में कलेक्टर कार्यालय का घेराव
राज्य में स्मार्ट मीटर के इंस्टॉलेशन को लेकर आम जनता के बीच बढ़ते आक्रोश के बीच अब राजनीतिक दलों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। रायगढ़ में कांग्रेस पार्टी द्वारा किया गया कलेक्ट्रेट घेराव इसी विरोध का एक बड़ा हिस्सा है, जहां पार्टी ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
आंदोलन के प्रमुख बिंदु:
- शीर्ष नेतृत्व और युवाओं की भागीदारी: खरसिया विधायक उमेश पटेल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के जोश ने इस आंदोलन को और व्यापक बना दिया।
- पुलिस और प्रदर्शनकारियों में खींचतान: कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जब बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत रखते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
- जनहित का मुद्दा: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई आम जनता के अधिकारों की है और जब तक सरकार इन जनविरोधी स्मार्ट मीटरों को नहीं हटाती, तब तक राज्यभर में आंदोलन का सिलसिला जारी रहेगा।





