August 5, 2026 4:44 am

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रायगढ़ कलेक्टर के निर्देश: पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक का कैशलेस

रायगढ़, 28 जुलाई 2026 — सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ जिले में ‘पीएम-राहत (प्रधानमंत्री राहत) नकदरहित उपचार योजना’ का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में इस महत्वपूर्ण योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।

योजना की मुख्य विशेषताएँ:

1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार: सड़क दुर्घटना के शिकार पात्र व्यक्तियों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क और नकदरहित उपचार प्रदान किया जाएगा।

सात दिनों तक का खर्च सरकार का: दुर्घटना के बाद अधिकतम 7 दिनों तक का चिकित्सा व्यय निर्धारित सीमा के तहत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

अस्पतालों की उपलब्धता: इस योजना का लाभ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ अधिकृत निजी अस्पतालों में भी उठाया जा सकता है।

एफआईआर की बाध्यता नहीं: योजना के तहत घायल व्यक्ति का इलाज शुरू करने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होना अनिवार्य नहीं है, जिससे समय की बचत होगी और तुरंत इलाज मिल सकेगा।

डिजिटल प्रणाली: इस पूरी योजना का संचालन ई-डीएआर और टीएमएस 2.0 पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।

कलेक्टर ने परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभागों को आपसी समन्वय से इस योजना की जानकारी गांव-गांव और शहरों तक पहुँचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी पीड़ित का इलाज प्रभावित न हो।

गोल्डन ऑवर’ में जीवन बचाने की पहल: दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, 112 पर करें कॉल

रायगढ़, 28 जुलाई 2026 — सड़क हादसों में बहुमूल्य जानें बचाने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने पीएम-राहत योजना के तहत नागरिकों से बढ़-चढ़कर आगे आने की अपील की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा है कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘स्वर्णिम घंटा’ (गोल्डन ऑवर) मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान मिलने वाला त्वरित उपचार गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है।

प्रशासन द्वारा जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देश:

आपातकालीन नंबर 112: सड़क दुर्घटना होने पर तुरंत 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलानी चाहिए और घायल को नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुँचाना चाहिए।

‘गुड सेमेरिटन’ (सद्भावी नागरिक) के लिए सुरक्षा: केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले नेक नागरिकों से पुलिस द्वारा कोई अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाएगी, जिससे लोग बिना किसी डर के मदद कर सकें।

अस्पतालों को सख्त निर्देश: सभी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घायल की पहचान तत्काल उपलब्ध न होने पर भी बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सकीय सहायता शुरू की जाए।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समय पर उपचार मिलने से हर एक नागरिक का जीवन सुरक्षित किया जा सके और कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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Author: News Spashat CG