घरघोड़ा के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल में बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था: स्टाफ की भारी कमी को लेकर छात्रों और युवाओं की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू
घरघोड़ा/रायगढ़
घरघोड़ा स्थित प्रतिष्ठित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाएं अब विरोध की शक्ल ले चुकी हैं। विद्यालय में शिक्षकों और आवश्यक स्टाफ की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी के विरोध में पूर्व छात्रों और स्थानीय युवाओं ने बुधवार से विद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस आंदोलन में “शिक्षा का अधिकार” और “रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती” की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है।
इस दौरान, युवा कांग्रेस अध्यक्ष उस्मान बेग ने विशेष रूप से धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए नई ऊर्जा का संचार किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रमुख समस्याएं और अव्यवस्थाएं
- प्री-प्राइमरी और प्राथमिक स्तर का हाल: प्री-प्राइमरी कक्षाओं में 2 स्वीकृत पद होने के बावजूद दोनों पद रिक्त हैं। छोटे बच्चों की देखरेख शिक्षकों के बजाय केवल सहायिकाओं के भरोसे चल रही है। प्राथमिक खंड में प्रधान पाठक का पद खाली है और 5 स्वीकृत सहायक शिक्षक पदों में से केवल 4 ही कार्यरत हैं।
- माध्यमिक और हायर सेकेंडरी पर असर: माध्यमिक खंड में प्रधान पाठक का पद रिक्त है और 4 के मुकाबले केवल 3 शिक्षक उपलब्ध हैं। सबसे गंभीर स्थिति हायर सेकेंडरी स्तर पर है, जहां गणित, राजनीति विज्ञान और व्यायाम जैसे अहम विषयों के शिक्षक न होने से 10वीं और 12वीं के छात्रों का भविष्य अधर में है।
- प्रशासनिक व अन्य व्यवस्थाएं ठप: विद्यालय में लेखापाल का पद रिक्त होने से वित्तीय और कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशिक्षक के अभाव में विद्यालय की एनसीसी इकाई निष्क्रिय हो गई है। इसके अलावा, चतुर्थ श्रेणी के 4 स्वीकृत पदों के मुकाबले मात्र 1 कर्मचारी होने से साफ-सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
- दो शिफ्ट का संचालन बना चुनौती: हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के चलते विद्यालय सुबह 7:45 बजे से शाम 5 बजे तक दो चरणों (केजी से 8वीं और 9वीं से 12वीं) में संचालित होता है, जिसके लिए मौजूदा स्टाफ नाकाफी साबित हो रहा है।
छात्रों की सात सूत्रीय मुख्य मांगें
- विद्यालय में सभी रिक्त पदों पर तत्काल स्थायी भर्ती की जाए।
- हायर सेकेंडरी स्तर पर गणित, राजनीति विज्ञान और व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति हो।
- पूर्व एनसीसी प्रशिक्षक की पुनः नियुक्ति कर इकाई को सक्रिय किया जाए।
- कला संकाय में नए विद्यार्थियों के प्रवेश को सुनिश्चित किया जाए।
- प्रशासनिक और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को भरा जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
आंदोलनरत छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक ठोस घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विभागीय स्तर पर सुगबुगाहट तेज हो गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है या यह विरोध प्रदर्शन फाइलों में ही सिमटकर रह जाता है।





